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हमारे देश में 14 वर्ष के सबसे निचले स्तर पर आया गेंहूँ का स्टॉक, जानिये सरकार ने क्या कह दिया.

दिल्ली डेस्क : इस साल रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से गेहूं दुनिया में एक प्रासंगिक विषय रहा है। क्योंकि ये दोनों ही विश्व के प्रमुख गेहूँ उत्पादक देश हैं। लेकिन युद्ध के कारण रूस यूक्रेन को गेहूं का निर्यात नहीं कर सका। इससे दुनिया के कई देशों में खाद्य संकट गहरा गया था। हालांकि तब भारतीय गेहूं ने भी दुनिया की जरूरतों को पूरा किया था। लेकिन, मौजूदा हालात में खुद भारत भी गेहूं की कमी के संकट से जूझ रहा है. और अब स्थिति यह है कि अगस्त के महीने में भारत का गेहूं का स्टॉक पिछले 14 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. हालांकि, केंद्र सरकार ने इस बीच स्पष्ट किया है कि भारत के पास घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त मात्रा में गेहूं उपलब्ध है।

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दरअसल, अंग्रेजी वेबसाइट लाइवमिंट ने अपनी एक रिपोर्ट में गेहूं का स्टॉक 14 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंचने की जानकारी एफसीआई को दी है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि गेहूं की महंगाई 12 फीसदी के आसपास चल रही है.

देश के गेहूं उत्पादन में 3% की कमी

इस बार समय से पहले अत्यधिक गर्मी के कारण इस बार गेहूं की फसल भी प्रभावित हुई है। नतीजतन, गेहूं के उत्पादन में 3% तक की कमी आई। देश के केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल रबी सीजन में गेहूं का उत्पादन 109 मिलियन मीट्रिक टन तक था. जबकि इस रबी सीजन में गेहूं का उत्पादन 106 मिलियन टन तक होने का अनुमान है। वहीं, अमेरिकी खाद्य एजेंसी ने अब भारत में 99 मिलियन मीट्रिक टन तक गेहूं के उत्पादन का अनुमान जारी किया है।

अब सरकार ने कहा, गेहूं आयात करने की कोई योजना नहीं

दरअसल, लाइवमिंट ने पहले भी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए गेहूं के आयात पर एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। केंद्र सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने इस रिपोर्ट को रीट्वीट करते हुए एक ट्वीट भी किया है। जिसमें विभाग ने कहा कि सरकार विदेशों से गेहूं आयात करने की योजना भी नहीं बना रही है। इसने इस पोस्ट में यह भी कहा कि भारत के पास घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त स्टॉक है और भारतीय खाद्य निगम के पास जनता को वितरण के लिए पर्याप्त स्टॉक है।

इस बार गेहूं के कम उत्पादन को कम करने और देश के अंदर गेहूं की बढ़ी कीमतों को कम करने के लिए सरकार की गेहूं आयात करने की योजना को लेकर भी कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे. इस संबंध में ब्लूमबर्ग ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा भी किया है।

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