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HIV AIDS क्या है | HIV कैसे होता है एड्स और कैसे करें बचाव?

HIV – AIDS क्या है, कैसे होता है, और बचाव

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Hiv aids kya hai

दोस्तों ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस (Human immunodeficiency Virus) या फिर HIV, एक तरह का वायरस इन्फेक्शन है जो एड्स का बड़ा reason बन जाता है। एड्स एचआईवी इन्फेक्शन का आखिरी पड़ाव होता है, जब हमारा बॉडी  इस प्रकार के जबरदस्त virus से बिल्कुल नहीं लड़ नहीं सकता। एचआईवी हमारे immunity सिस्टम पर खतरनाक वार करता है और हम सबके बॉडी के infection और खतरनाक बीमारीयों से लड़ने की पावर को बहुत अधिक कमजोर कर देता है। prevention of HIV का कोई भी इलाज नहीं है, लेकिन फिर भी वायरस के साथ अधिकतर मनुष्यों को लंबे और अच्छे जीवन को गुजरने में सफल बनाने के लिए काफी मात्रा में उपचार मौजूद हैं। एचआईवी  को कम करने का सबसे आसान और सफल तरीका है सेक्स करते वक़्त कंडोम का इस्तेमाल जरूर करें और कभी भी प्रयोग की हुई सुई या फिर इंजेक्शन का इस्तेमाल बिल्कुल भी न करें। तो आइये दोस्तों जानते हैं की किस तरह HIV से AIDS हो जाता है और इसके लक्षण किस प्रकार होते हैं और इसके बचाव क्या क्या हैं?

HIV क्या है?

मित्रों एचआईवी का सही मतलब है ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस (Human Immunodeficiency Virus) है यह वायरस एड्स (AIDS) का सबसे मुख्य कारण बन जाता है. 

मित्रों मनुष्य के शरीर कि रक्षा तंत्र को प्रतिरक्षा तंत्र या फिर इम्यून सिस्टम भी कहा जाता हैI यह प्रतिरक्षा प्रणाली कई virus तथा बैक्टीरिया से मनुष्य की बॉडी को लड़ने कि ताकत भी देती है. एचआईवी AIDS इसी प्रतिरक्षा तंत्र कि कोशिकाओं पर ख़तरनाक हमला कर इसको बेहद कमजोर बना देता है. दोस्तों यह कोशिकाएं एक तरह कि सफेद रक्त की कोशिकाएं होती है जिनको सी डी 4 (CD4) सेल्स भी कहते है

दोस्तों अगर वायरस को कमजोर या रोकने के लिए दवा का इस्तेमाल न किया जाए तो , HIV के खतरनाक जीवाणु CD4 कोशिकाओं पर अपना कब्जा करके उसको लाखो वायरस कि copy बनाने वाली बड़ी फैक्ट्री में बदल देते है. और इस प्रक्रिया से CD4 कोशिकाएं डेड हो जाती है जिससे immun system कमजोर हो जाती है. और लास्ट में यह एड्स बन जाती है.

HIV के बहुत से प्रकार हैं लेकिन इसको दो मुख्य प्रकारों में बांटा गया है 

एचआईवी-1: दोस्तों यह प्रकार विश्व भर में मिल जाता है और सबसे common hiv संक्रमण है

एचआईवी-2: दोस्तों ये ज्यादातर पश्चिम अफ्रीका, एशिया और यूरोप में ही पाया जाता है. 

HIV से संक्रमित किसी भी मनुष्य के बॉडी में एक time पर एचआईवी AIDS के कई अलग अलग प्रकार मौजूद होते हैं.

HIV फैलता कैसे है? 

1. खून के द्वारा फैलना 

दोस्तों अगर कोई भी एचआईवी संक्रमित व्यक्ति का खून किसी सही स्वस्थ व्यक्ति को दिया जाता है या चढ़ाया जाता है तो ऐसे में स्वास्थ्य मनुष्य के शरीर में HIV एड्स का संक्रमण प्रवेश हो जाता है।

2. वीर्य के द्वारा

मित्रों किसी HIV संक्रमित मनुष्य का सीमेन किसी स्वस्थ महिला के शरीर में चाला जाए तो ऐसे में HIV का virus महिला को संक्रमित कर देता है।

3. स्तनपान कराने से 

दोस्तों HIV यानी aids से संक्रमित माता के दूध में भी एचआईवी का संक्रमण मौजूद होता है। अगर HIV संक्रमित माता अपने बच्चे को दुध पिलाती है तो बच्चे को HIV का इन्फेक्शन हो जाता है।

4. योनि तरल के द्वारा ( veginal) 

दोस्तों महिलाओं की योनि में एक चिप छिपा तरल पदार्थ होता है। अगर महिला HIV संक्रमित है तो इस पदार्थ में HIV AIDS का वायरस होता है। ऐसे में अगर स्त्री किसी पुरुष के साथ सम्भोग करती है तो उस पुरुष को भी AIDS होने का ख़तरा बहुत रहता है।

5. बिना सुरक्षा वाले यौन संबंधों के कारण 

आप सभी जान चुके हैं कि HIV AIDS से संक्रमित मनुष्य के खून, सीमेन और वेजाइनल तरल पदार्थ में एचआईवी का संक्रमण मौजूद रहता है। ऐसे में यदि असुरक्षित सम्भोग बनाया जाएं तो HIV पीड़ित होने के चान्सेस अधिक हो जाते हैं।

बताये गये 5 कारणों से HIV AIDS एक से दूसरे में चला जाता है. इसके अलावा b बहुत से कारण हैं 

HIV संक्रमित होने के लक्षण क्या है?

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Hiv symptoms

दोस्तों AIDS यानी HIV इन्फेक्शन के लक्षण अधिकतर देर से दिखाई पड़ते है। एचआईवी संक्रमण के नॉर्मल लक्षण इस प्रकार बताये गये है:

  • सरदर्द का होना
  • मांसपेशियों में दर्द का अधिक होना 
  • जोड़ों का दर्द लगातार बने रहना 
  • बार बार बुखार का आना
  • गले में खराश का होना
  • त्वचा पर लाल लाल चकत्ते का होना
  • सूजन ग्रंथियां का आना

एड्स के मुख्य लक्षण – Symptoms of HIV-AIDS

  • मित्रों HIV से संक्रमित मनुष्य में लम्बे अवधि तक AIDS के कोई भी कारण  दिखाई नहीं देते। 
  • लंबी अवधि तक (3, से 6 महीने या इससे अधिक) एचआईवी का भी औषधिक परीक्षण से पता लगाया नहीं जा सकता है।
  • अधिकतर AIDS से पीड़ितों को सर्दी, जुकाम या फिर विषाणु वाला बुखार आ जाता है पर इससे भी एड्स होने का पता बिल्कुल नहीं लगता। 
  • दोस्तों एच.आई.वी. Infection का संक्रमण होने के बाद पीड़ित का शरीर में धीरे धीरे फैलना यानी मोटा होना शुरू हो जाता है। 
  • दोस्तों जब virus का संक्रमण बॉडी में अधिक फैल जाता है, तब बीमारी के लक्षण दिखाई दिया करते हैं। AIDS के लक्षण दिखने में लगभग 8 से 10 वर्ष का वक़्त भी लग सकता है। ऐसे जिसके बॉडी में एच.आई.वी. वायरस है पर AIDS के लक्षण ना दिख रहे हों, उसको एचआईवी पॉसिटिव कहते है। पर ध्यान रखना चाहिये ऐसे व्यक्ति भी AIDS फैला सकते हैं।

AIDS के कुछ शुरुआत के लक्षण 

  • वजन का ज्यादा कम हो जाना
  • लगातार खांसी का बना रहना 
  • बार-बार जुकाम का होना
  • बुखार
  • सिरदर्द होना 
  • थकान का एहसास 
  • शरीर पर लाल निशान का बनना (फंगल इन्फेक्शन के कारण)
  • हैजा
  • भोजन कम लेना 
  • लसीकाओं में सूजन का होना 

AIDS या HIV से बचाव कैसे करें? Causes of HIV

  • दोस्तों जीवन-साथी के अलावा किसी दूसरी अन्‍य महिला या पुरुष से यौन संबंध बिल्कुल ना रखे।
  • यौन सम्बंध के समय निरोध यानी condom का इस्तेमाल जरूर करें।
  • और मादक दवाइयों के आदी मनुष्य के द्वारा इस्तेमाल में ली गई सुई या syrenge का इस्तेमाल कभी न करें।
  • Aids संक्रमित स्त्रियाँ गर्भधारण कभी न करें, क्‍योंकि उनसे पैदा होने वाले‍ बच्चे को भी  ये रोग लग सकता है।
  • खून की जरूरत होने पर अनजान मनुष्य का रक्‍त बिल्कुल न लें, और सही रक्‍त के लिए HIV जांच किया हुआ रक्‍त ही लें.
  • किसी दूसरे व्‍यक्ति का इस्तेमाल में किया हुआ ब्‍लेड/पत्‍ती काम में कभी ना लें. 

एड्स-लाइलाज है- बचाव ही  एकमात्र उपचार है

HIV जानकारी के लिये टेस्ट 

मित्रों एचआईवी की जानकारी के लिए काफी सारे टेस्ट मौजूद हैं जिनका उपयोग करके हम सब पता कर सकते हैं कि आप HIV से POSITIVE हैं या नहीं। इसके लिए दोस्तों आप लोगों का डॉक्टर बतायेगा करेगा कि आपको कौन सा टेस्ट करवाना चाहिए। HIV (HIV in Hindi) के लिए कुछ टेस्ट हमने नीचे बताये हैं – 


एंटीबाडी/एंटीजन टेस्ट: दोस्तों यह सबसे ज्यादा प्रयोग किए जाने वाला टेस्ट माना जाता है। पहली स्टेज के रूप से HIV का अनुबंध करने के बाद वो 20-50 दिनों के अंदर positive result दिख सकते हैं।


एंटीबाडी टेस्ट: मित्रों ये टेस्ट हर तरह से एंटीबॉडी के लिए हमारे खून की जांच करवाते हैं। संचरण के बाद 25 से 95 दिनों के बीच, अधिकतर लोग पता लगाने के योग्य एचआईवी की एंटीबॉडी बना लेते हैं, जो पीड़ित के खून या लार में आसानी से मिल सकते हैं।


न्यूक्लिक एसिड टेस्ट (NAT): दोस्तों यह टेस्ट थोड़ा costly यानी महँगा to होता है जो साधारण स्क्रीनिंग के लिए इस्तेमाल नहीं करते है। यह उन मनुष्यों के लिए है जिनमें HIV के कुछ शुरुआत के लक्षण दिखाई देते हैं। यह टेस्ट एंटीबॉडी को ढूढ़ने के लिए नहीं करते है; बल्कि यह virus की खोज के लिए करा जाता है। इसकी मदद से ब्लड में HIV का पता असानी से लगाने में 5 से 25 दिन लग जाते हैं।

मित्रों वर्तमान में (HIV in Hindi) के लिए कोई लाभकारी इलाज मौजूद ही नहीं है। लेकिन उचित चिकित्सा और देखभाल के साथ, एचआईवी को कम करा  जा सकता है। HIV AIDS (HIV AIDS in Hindi) के लिए इलाज को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी या (ART) कहते है। अगर इलाज और देखभाल (HIV Kaise Hota Hai in Hindi) सही तरीके से कर लिया जाता है, तो एचआईवी से पीड़ित मरीजों जीवन को लंबे वक़्त तक बढ़ाया जा सकता है

Image credit : pixabay

Video credit: the lallan top

निष्कर्ष 

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने आपको HIV यानी AIDS से जुड़ी ऐसी बातें बतायी हैं जो शायद आप पहले नहीं जानते थे अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया है तो शेयर जरूर करना और एक comment भी धन्यबाद.

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