Hanuman Jayanti Ke Baare Mein Gyan. - Fact Zones Hanuman Jayanti Ke Baare Mein Gyan. - Fact Zones

Hanuman Jayanti

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, श्रीराम भक्त हनुमान का जन्म चैत्र पूर्णिमा को मंगलवार के दिन चित्रा नक्षत्र और मेष लग्न के योग में हुआ था

हनुमान जी भगवान शिव के अवतार हैं. अंजनी पुत्र हनुमान को पवन पुत्र भी कहा जाता है. वो भक्ति, शक्ति, और दृढ़ता के प्रतीक हैं.

चूंकि हनुमान जी ध्वजा के रूप में अर्जुन के रथ पर मौजूद थे. तो ऐसा माना जाता है कि उन्होंने सबसे पहले श्रीकृष्ण के मुख से भगवत गीता सुनी थी. इसके बाद अर्जुन, संजय और बर्बरीक का नंबर आता है.

वाल्मीकि के अलावा भगवान हनुमान ने भी रामायण लिखी है. कहते हैं कि वो जिस गुफ़ा में रहते थे उसमें उन्होंने रामायण का नया स्वरूप लिखा था.

भगवान हनुमान के पांच मुख हैं, इसलिए उन्हें पंचमुखी भी कहा जाता है. पाताल लोक के एक राक्षस को मारने के लिए उन्होंने अपना ये रूप धारण किया था.

नारद पुराण में भगवान हनुमान को प्रमुख गायक के रूप में वर्णित किया गया है. उन्हें गायकी का वरदान नारद मुनि ने दिया था.

वेद-पुराणों के अनुसार, भगवान हनुमान अमर हैं. वो इस धरती पर तब तक रहेगें जब तक कलयुग ख़त्म नहीं हो जाता.