रतन टाटा बने PM Care Fund के ट्रस्टी लोगों ने कहा अब हिसाब किताब मिलेगा.

Ratan Tata : प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पीएम केयर्स फंड बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज में नए सदस्यों को शामिल किया गया है. अब इन नए सदस्यों में उद्योगपति रतन टाटा समेत कई लोगों को ट्रस्टी बनाया गया है, जबकि सलाहकार समूह में सुधा मूर्ति को शामिल किया गया है. पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और नव मनोनीत ट्रस्टी शामिल हुए हैं.

रतन टाटा बने पीएम केयर्स फंड के ट्रस्टी

जानकारी के मुताबिक पीएम केयर्स फंड में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस केटी थॉमस, उद्योगपति रतन टाटा और पूर्व डिप्टी स्पीकर करिया मुंडा को ट्रस्टी के तौर पर शामिल किया गया है. जबकि पूर्व सीएजी राजीव महर्षि, इंडिकॉर्प्स के पूर्व सीईओ और पीरामल फाउंडेशन आनंद शाह और इंफोसिस फाउंडेशन की पूर्व चेयरपर्सन सुधा मूर्ति को सलाहकार के रूप में शामिल किया गया है।

लोगों की प्रतिक्रियाएं

@thestruggler84 यूजर ने लिखा कि वाह मोदी जी वाह! सरकारी संपत्ति बेची और बेची गई, सरकारी पैसा भी निजी हाथों को सौंप दिया गया। @roshansinha_41 यूजर ने लिखा कि क्या फायदा? पीएम केयर्स फंड में कितना पैसा है, कितना आया, कितना गया, कहां से आया, कहां गया, इस वक्त पैसा है या नहीं, हमें नहीं पता कुछ भी। @Navneet77415568 यूजर ने लिखा कि एक ऐसा फंड जिसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा सकती, मोदी जी ने खुलेआम लूट मचाई है!

@PrshntSingh3 यूजर ने लिखा कि क्या अब रतन टाटा जी को पीएम केयर फंड का एकाउंट मिलेगा? @SudhirK66590202 यूजर ने लिखा कि रतन जी से अनुरोध है कि हर साल ऑडिट करवाकर इसे सार्वजनिक करें। @ Gunkaur3 यूजर ने लिखा कि अब जनता को पीएम केयर्स फंड की डिटेल बताएं। @ARVINDUDAIPUR27 यूजर ने लिखा कि इतनी गोपनीयता क्यों ईडी-सीबीआई के छापे में मिले पैसे का खुलासा मीडिया में ही बीजेपी ने किया है।

आपको बता दें कि जब देश में कोरोना जैसे संकट में लोगों की मदद करने के मकसद से साल 2020 में प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपात स्थिति राहत कोष की शुरुआत की गई थी। पीएम केयर्स फंड लोगों द्वारा स्वेच्छा से दी गई मदद से काम करता है। हालांकि इस फंड को लेकर कई विवाद भी खड़े हुए हैं।

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