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भारतीय शेयर बाजार के शहंशाह राकेश झुनझुनवाला का आज हुआ निधन कैंडी हॉस्पिटल में ली आखिरी साँस, Rakesh Jhunjhunwala Passed Away.

राकेश झुनझुनवाला मौत : भारतीय शेयर बाजार के ‘बिग बुल’ कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला का रविवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया. राकेश झुनझुनवाला ने हाल ही में पीएम मोदी से मुलाकात की। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनकी तारीफ की. दरअसल, पीएम मोदी से मुलाकात के दौरान दिग्गज राकेश झुनझुनवाला ने मुड़ी हुई शर्ट पहनी थी।

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 हालांकि बाद में राकेश झुनझुनवाला ने कहा कि उन्होंने ऐसी शर्ट क्यों पहनी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी शर्ट प्रेस कराई थी, इसके बाद भी उसमें सिलवटें पड़ गई तो वे क्या कर सकते हैं? शेयर बाजार के ‘बिग बुल’ कहे जाने वाले राकेश झुनझुनवाला ने कहा था कि सच तो यह है कि वो शर्ट ही ऐसी थी. उन्होंने कहा, ‘मुझे इससे क्या फर्क पड़ता है? मुझे कौन सा क्लाइंट बनाना या कस्टमर बनाना है?’ इस मुलाकात के बाद पीएम मोदी ने कहा था कि ‘वन एंड ऑनली राकेश झुनझुनवाला से मिलकर खुशी हुई. जीवंत, अतर्दृष्टिपूर्ण और भारत को लेकर बहुत आशावादी.’ पीएम मोदी ने अपने ट्वीट के जरिये कहा है कि राकेश झुनझुनवाला भारत को लेकर बहुत बुलिश हैं.

 इतना ही नहीं उन्होंने झुनझुनवाला को इकलौता राकेश झुनझुनवाला भी बताया. जिससे पता चलता है कि उनके बीच क्या सार्थक बातें हो रही हैं। इस साल मई में राकेश झुनझुनवाला ने ‘आज तक’ पर एक खास बातचीत में कहा था कि बाजार में कोई राजा नहीं है, लेकिन निकट भविष्य में भारत में 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी। झुनझुनवाला ने कहा कि देश एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है और इस साल 10 प्रतिशत की दर से विकास करेगा। 

वे 1985 में दलाल स्ट्रीट में आए थे 

राकेश झुनझुनवाल की इस सक्सेस स्टोरी की शुरुआत महज पांच हजार रुपए से हुई थी। अब उनकी कुल संपत्ति लगभग 40 हजार करोड़ रुपये है। 1985 में मुंबई के दलाल स्ट्रीट में प्रवेश करने वाले राकेश झुनझुनवाला ने अपने पिता से प्रेरणा लेकर इस व्यवसाय में कदम रखा। लेकिन जब उन्होंने शेयर बाजार में पैसा लगाने का फैसला किया तो उनके पिता ने पैसे देने से इनकार कर दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वह अपने किसी दोस्त से पैसे लेने की कोशिश नहीं कर रहे हैं. उनके पिता ने झुनझुनवाला से कहा कि अगर आप शेयर बाजार में प्रवेश करना चाहते हैं, तो इसे अपनी मेहनत से कमाएं। 

टाटा के शेयर से हुआ मुनाफा 

पेशे से चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) राकेश झुनझुनवाला ने फिर 1985 में पांच हजार रुपये का निवेश करके एक निवेशक के रूप में अपना करियर शुरू किया। एक समय उन्होंने टाटा समूह की कंपनी टाटा टी के पांच हजार शेयर 43 रुपये में खरीदे। तीन महीने के भीतर टाटा टी के शेयरों में जबरदस्त तेजी आई थी। फिर झुनझुनवाला ने इस शेयर को 143 रुपये में बेच दिया। यह 1986 में हुआ और इस फैसले ने तीन महीने के भीतर 2.15 करोड़ रुपये के निवेश पर झुनझुनवाला को 5 करोड़ रुपये का लाभ कमाया।

इस तरह शेयर बाजार के बिग बुल बने 

अगले तीन सालों में राकेश झुनझुनवाला शेयरों में पैसा लगाकर करोड़पतियों की लिस्ट में शामिल हो गए। इन तीन वर्षों में, उन्होंने एक ताज अर्जित किया। फिर उन्होंने टाटा समूह की एक और कंपनी के शेयरों पर दांव लगाया और राकेश झुनझुनवाल को बिग बुल बना दिया। 2003 में उन्होंने टाटा समूह के टाइटन में पैसा लगाया। तभी उन्होंने तीन रुपये में टाइटन के 6 करोड़ शेयर खरीदे। एक समय झुनझुनवाला के पास 7000 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के टाइटन के लगभग 4.5 करोड़ शेयर थे।

टाटा को टक्कर दे दी 

राकेश झुनझुनवाला (Rakesh Jhunjhunwala) ने एविएशन सेक्टर में कदम रखके टाटा ग्रुप को चुनौती दी थी। उनकी निवेश वाली एयरलाइन कंपनी आकासा एयर ने ट्रायल शुरू कर दिया है। हाल में इसके क्रू के लिए यूनिफॉर्म लॉन्च हुई है। आकासा एयर का टारगेट सस्ती विमानन सेवा प्रदान करने का है। इस कंपनी में राकेश झुनझुनवाला ने करीब 50 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम निवेश है। यानी टाटा ग्रुप की की कंपनियों से पैसे बनाने वाले झुनझुनवाला आसमान में टाटा को ही टक्कर देने की पूरी तैयारी की थी। टाटा समूह ने हाल ही में एयर इंडिया को खरीदा है। इसके अलावा उसके पास एयर एशिया और विस्तारा जैसी विमानन कंपनियां भी हैं।

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