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Irrigation Equipment | 90 प्रतिशत से ज्यादा सरकार सब्सिडी देती है सिंचाई संयंत्र पर, अभी आवेदन करें.

सब्सिडी सिंचाई यंत्र 

दोस्तों देश के बहुत से राज्यों में भूजल लेवल संकट का विषय बन चुका है. ऐसे में किसानों को खेतों में पानी लगाने के  लिए बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है. इन सब बातों से निपटने के लिए तथा किसानों के लिए सिंचाई प्रोसेस आसान बनाने के लिए पीएम किसान सिंचाई योजना की शुरुआत हो चुकी है.

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25 प्रतिशत अधिक उत्पादन ज्यादा होता है 

70 प्रतिशत से अधिक पानी की बचत भी होती है 

दोस्तों खरीफ की फसल की बुवाई का समय आ गया है. भारत के कई राज्यों में इसकी रोपाई के लिए तैयारियां शुरू होने लगी हैं. दोस्तों इन महीनों की फासले पानी की अधिक डिमांड करती हैं. ऐसे में दोस्तों किसानों के लिए सिंचाई व्यवस्था आसान बनने के लिए पीएम किसान सिंचाई योजना की शुरुआत हो चुकी है इस योजना में किसानों को सब्सिडी पर सिंचाई यंत्र दिये जा रहे हैं. 

सभी राज्य की सरकारें अपने लेवल पर इस योजना के द्वारा किसानों को सब्सिडी का Benefits दिया करती हैं. उत्तर प्रदेश तथा बिहार राज्यों में छोटे किसानों को 90 और सीमांत किसानों को 80 % तक की सब्सिडी पर ड्रिप तथा स्प्रिंकल सिंचाई यंत्र दिए जाते हैं. वहीं दोस्तों छत्तीसगढ़ में 75 % की सब्सिडी पर ये यंत्र सर्कार दे रहीं हैं.

ड्रिप की सिंचाई क्या होती है? 

दोस्तों ड्रिप सिंचाई जिसको टपक सिंचाई भी कहा जाता हैं. इस विधि में बूंद-बूंद के रूप में फसल की जड़ तक एक छोटी व्यास की पाइप से पानी दिया जाता है. ड्रिप की सिंचाई विधि से फसलों की उत्पादन में भी 20 से 30 % तक ज्यादा लाभ दिया जाता है साथ ही दोस्तों 60 से 70 % तक पानी की बचत हो जाती है.

Sprinkle विधि से सिंचाई 

दोस्तों स्प्रिंकल विधि से सिंचाई नल के द्वारा खेतों में पानी दिया जाता है. वहां राइजर पाइप के माध्यम से खेतों में छिडक़ाव विधि से सिंचाई करी जाती है. पानी की बचत तथा उत्पादन के हिसाब से स्प्रिंकल विधि अधिक उपयोगी होती है.

ऐसे किसानों को मिल सकता है लाभ 

  • मित्रो योजना का फायदा प्राप्त करने के इच्छुक किसान के पास खुद की भूमि एवं जल स्रोत होना आवश्यक है. 
  • इस योजना का फायदा सहकारी समिति के लोगों , सेल्फ हेल्प ग्रुप, इनकार्पोरेटेड, पंचायती राज, गैर सहकारी संस्थाओं, ट्रस्ट्स, तथा कृषकों के समूह के लोगों को भी मिल सकेगा. 
  • एक कृषक /संस्था को उसी भू-भाग पर 7 वर्ष के पश्चात् ही योजना पर फ़ायदे के पात्र है 
  • लाभार्थी कृषक अनुदान के अतिरिक्त अवशेष धनराशि खुद के स्रोत से अथवा ऋण प्राप्त कर वहन करने के लिए सक्षम और सहमत होना जरूरी. 
  • ऐसे लाभार्थियों /संस्थाओं को भी योजना का लाभ अनुमन्य होगा जो संविदा की खेती (कान्टै्क्ट फार्मिंग) अथवा कम से कम 07 वर्ष के लीज एग्रीमेन्ट की भूमि पर बागवानी करते हों

ऐसे होगा आवेदन 

दोस्तों इच्छुक व्यक्ती इस www.upagriculture.com पर जाकर पहले आवक पहले पावक के आधार पर योजना का लाभ उठा सकते है आवेदन के लिए क्या क्या काग़ज़ात की आवश्यकता होती है ये सारी Detail आपको इस वेबसाइट पर ही मिल जाएगी. अधिक जानकारी के लिए आप इस website पर जाकर इस योजना के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. 

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