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Gama Pehlwan Biography in hindi | गामा पहलवान कैसे बने भारत के सबसे महान पहलवान.

Gama Pahelwan का जीवन परिचय 

दोस्तों हमारे विश्व में शायद ही कोई ऐसा होगा जो Gama Pehlwan Biography in hindi को न जानता हो. कुश्ती पहलवानी का नाम सुनते ही सबसे पहले जो नाम आता है वह गामा पहलवान का होता है दोस्तों जैसे ही आप गामा पहलवान का नाम सुनते हैं आपके दिमाग में तगड़े चौड़े सीने वाले व्यक्ति गामा पहलवान की तस्वीरें सामने आ जाती हैं, भीमकाय डोला और भीम का शरीर मोटा तगड़ा सीना गामा पहलवान भारत के एकमात्र ऐसे पहलवान थे. जिनको अपने पूरे जीवन काल में कोई भी हरा नहीं पाया. दोस्तों रुस्तम ए हिंद यानी कि भारत के चैंपियन और रुस्तम ए जमाना यानी कि वर्ल्ड चैंपियन ऐसे बहुत से पुरस्कार गामा पहलवान को दिए गए थे.

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हर एक शीर्षक हमेशा कोई ना कोई का वर्णन करता है. गामा पहलवान एक ऐसी विरासत है कि उनकी मरने के बाद भी लगभग 5 दशकों के बाद भी आज तक भारतीय महाद्वीप में हर पहलवान गामा की तरह ही बनना चाहता है. और यह भी कहा जाता है कि एक मशहूर मार्शल आर्टिस्ट ब्रूसली गामा पहलवान से इतने अधिक प्रभावित हुए कि उन्होंने अपना प्रेरणा स्त्रोत भी गामा पहलवान को ही मान लिया था. तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हम आपको गामा पहलवान से जुड़ी बहुत ही निजी जानकारी और उनके जीवन से जुड़ी बहुत ही अनमोल जानकारी हम आपको बताने वाले हैं जो शायद आप इससे पहले ना जानते हो तो आप इस आर्टिकल को बहुत ही ध्यान से पढियेगा.

Gama Pehlwan Biography in hindi 

नाम – गुलाम हुसैन बख्श

जन्म – 22 मई 1878

जन्म स्थाल – गांव जब्बोंवाल अमृतसर

गृहनगर – अमृतसर, पंजाब, भारत

प्रोफेशन – पूर्व भारतीय पहलवान

लम्बाई – 173 Cm

वजन – 110 KG

मृत्यु  – -23 मई 1960

मृत्यु की जगह – लाहौर, पंजाब, पाकिस्तान

मृत्यु का कारण – दिल, अस्थमा की पुरानी बीमारी के कारण

धर्म – इस्लाम

पसंदीदा खाना – देसी मुर्गी, मेवे 

शुरुआती कुश्ती के बारे में जानते हैं

दोस्तों जब गामा 6 साल के थे तो उनके पिता मोहम्मद अजीज बक्श की मृत्यु हो गई थी. जो कि एक बहुत ही मशहूर पहलवान हुआ करते थे दोस्तों उनके पिता की मौत के बाद Gama Pehlwan Biography in hindi की देखभाल उनके नाना और नून पहलवान ने की थी. दोस्तों नून पहलवान की मृत्यु के बाद उनके चाचा ने उनकी देखभाल और उन्होंने ही गामा पहलवान की कुश्ती में पहली बार ट्रेनिंग भी दी थी. गामा पहलवान 6 वर्ष के होने पर ही उनके पिता का देहांत हो गया था.

गामा पहलवान का जन्म स्थान

दोस्तों Gama Pehlwan Biography in hindi का जन्म स्थान गांव जब्बोंवाल अमृतसर में एक कश्मीरी बड़े परिवार में 22 मई 1878 को गुलाम मोहम्मद बक्श के नाम से हुआ था. दोस्तों उनका परिवार बड़े स्तर के पहलवानों की वजह से पूरे भारत में और पूरी दुनिया में जाना जाता था.

गामा पहलवान को प्रशिक्षण महाराजा बहादुर के द्वारा 

दोस्तों जब Gama Pehlwan Biography in hindi के कौशल की कहानी दतिया के महाराजा तक गई तब उन्होंने उनको प्रशिक्षण यानी की ट्रेनिंग देने के लिए अपने साथ रखने की योजना बनाई और इसी प्रकार गामा पहलवान को एक पेशेवर कुश्ती यात्रा पूरी हुई. 

गामा पहलवान की 1 दिन की खुराक

दोस्तों कुछ लोगों के मुताबिक गामा पहलवान की खुराक 6 देसी मुर्गियां 10 लीटर दूध और आधा किलो घी और एक बादाम से बना हुआ टॉनिक हुआ करता था जो यह सारा खाना सिर्फ 1 दिन में लेते थे

गामा को टाइगर कहते थे 

मित्रों साल 1927 से जब Gama Pehlwan Biography in hindi को किसी ने चुनौती ही नहीं दी थी. हालांकि जल्द ही यह घोषणा की गई थी कि गामा और लंदन के पहलवान एक बार फिर से एक दूसरे का आमना सामना करने वाले हैं जनवरी सन 1928 में पटियाला में यह मुकाबला कराया गया और गामा ने मात्र 1 मिनट के अंदर जब इसको को धूल चटा दी और फिर वर्ल्ड कुश्ती चैंपियनशिप के विजेता बन गए. दोस्तों मुकाबले के बाद स्टैनिसलॉस जबिश्को ने गामा को टाईगर के रूप में भी संबोधित किया था.

अंतरराष्ट्रीय पहलवानी

दोस्तों Gama Pehlwan Biography in hindi ने स्टैनिसलॉस जबिश्को और फ्रैंक गॉच को विशेष रुप से चुनौती भी दे दी थी और यह कह दिया था कि या तो वह हमसे मुकाबला करें या फिर जो भी पुरस्कार राशि है. वह गामा पहलवान को दे दें और यह चुनौती सबसे पहली बार अमेरिका के एक बहुत ही बड़े पहलवान बेंजामिन रोलर ने स्वीकार भी कर ली थी दोस्तों गामा पहलवान ने रोलर को मात्र 1 मिनट 40 सेकंड में ही हरा दिया था. और एक बार फिर दोबारा गामा पहलवान और रोलर के बीच में कुश्ती कराई गई. जिसमें रोलर 9 मिनट 10 सेकंड ही टिक पाया और अगले ही दिन गामा ने 12 पहलवानों को हराकर आधिकारिक टूर्नामेंट में प्रवेश प्राप्त कर लिया था.

विश्व के सबसे जाने-माने पहलवानों को हराना 

दोस्तों पश्चिमी देशों के अपने दौरे के दौरान गामा पहलवान ने विश्व के सबसे बड़े और सबसे हटके कटे पहलवानों को भी हराया है जैसे कि फ्रांस के मॉरिस गैरेज और संयुक्त राज्य अमेरिका के डॉग व्यंजन रोलर और स्वीडन के झांसी पीटरसन तथा स्विट्जरलैंड के जोहान नेम और बेंजामिन रोलर के साथ कुश्ती लड़ते हुए गामा पहलवान ने 15 मिनट में 13 बार उनको फेंका था.

हिंदू परिवारों का रखवाला

दोस्तों 1947 में हालात इतने खराब हो गए थे. कि Gama Pehlwan Biography in hindi अमृतसर से आकर लाहौर की एक मोहिनी गली में बस गए थे और बंटवारे के बाद हिंदू मुसलमानों के बीच एक बहुत ही बड़ी दीवार खड़ी हो गई थी दोस्तों गली में रहने वाले हिंदुओं की जान सांसत में पड़ी हुई थी और रुस्तम ए हिंद और रुस्तम ए + गामा पहलवान तब वहां आ चुके थे दोस्तों कहा यह जाता है कि उन्होंने कहा कि इस गली में हिंदू सारे हमारे भाई हैं और देखें इन पर कौन सा मुसलमान आंख्या आप भी उठाता है 

गामा पहलवान की आखिरी जीत 

मित्रों फरवरी 1929 में Gama Pehlwan Biography in hindi ने जीसीपी टशन से सामने मुकाबला किया और उन्होंने जेडसी पीटरसन को मात्र डेढ़ मिनट में हरा दिया और इस मुकाबले में गामा पहलवान ही विजेता रहे थे.

दोस्तों हिंदू मुसलमान की आग हर तरफ एकदम इसी तरीके से फैली हुई थी कुछ फिरका परस्त उस गली के मुहाने पर आकर खड़े भी हो गए थे जहां पर गामा अपने चेलों के साथ हिंदुओं की रक्षा कर रहे थे दोस्तों जैसे ही एक फिरका परस्त आगे बढ़कर गामा ने उनसे चपत लगाई और बाकियों की की बन गई और सब वापस भाग गए तो तो दोस्तों 1947 में गामा पहलवान नहीं बहुत से हिंदू परिवारों की इस तरह से मदद भी की थी और उनको बहुत सारे मुसलमानों से बचाया.

Gama Pehlwan Biography in hindi की शादी

दोस्तों गामा पहलवान ने अपने पूरे जीवन में दो बार शादी की वजीर बेगम और एक और शादी की थी. और उनके पांच बेटे और चार बेटियां भी थी. दोस्तों गामा पहलवान की पोती कुलसुम नवाज नवाज शरीफ की पत्नी भी हैं. और कुलसुम की बहन सायरा बानो है जो गामा पहलवान की पोती भी थी और झरा पहलवान की पत्नी है.

गामा पहलवान का वर्कआउट रूटीन

दोस्तों एक अच्छे शरीर को बनाने के लिए वर्कआउट यानी कि एक्सरसाइज और संतुलित डाइट प्लान बहुत ही अधिक जरूरी होता है गामा पहलवान अपने दिन की कसरत के प्रति बहुत ज्यादा सख्त हुआ करते थे उनके वर्कआउट में उनके अथक प्रयासों के कारण ही वह दुनिया के सबसे महानतम और सबसे बड़े पहलवान बन सके इसलिए गामा पहलवान खाने से ज्यादा अपने वर्कआउट पर ध्यान दिया करते थे.

दोस्तों कहते तो यह है कि Gama Pehlwan Biography in hindi अपने प्रतिदिन ट्रेनिंग के दौरान कोर्ट में अपने 40 से अधिक पहलवानों के साथ अकेले ही भीड़ जाया करते थे गामा पहलवान 1 दिन में लगभग 5000 से ज्यादा बैठक यानी कि स्कॉट्स और 3000 से दंड यानी पुशअप भी किया करते थे द ग्रेट गामा पहलवान 95 किलो डोनट के आकार की व्यायाम डिस्क यानी कि एक बहुत ही बड़ा 95 किलो का पत्थर अकेले ही स्कॉट में उठा लिया करते थे और डिस्क को अब पटियाला के राष्ट्रीय खेल संस्थान संग्रहालय में इसी तरह से प्रदर्शन के रूप में रखा भी गया है.

गामा पहलवान का अंतिम दौर

दोस्तों 1947 में भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के वक्त Gama Pehlwan Biography in hindi पाकिस्तान चले गए थे और वहां अपने भाई इमाम वक्त के साथ तथा अपने भतीजे के साथ रहने लगे अपना शेष बचा हुआ बे जीवन रुस्तम में जमा के आखिरी दिन बड़े कष्ट और मुसीबतों के साथ गुजरते रहे रावी नदी के तट पर वह गुजारा करने लगे एक छोटी सी झोपड़ी वहां पर बना ली थी और अपनी बहुत बड़ी-बड़ी यादगार और सोने चांदी के मेडल बेंच कर अपनी जिंदगी गुजारने लगे गामा पहलवान हमेशा बीमार रहने लगी और उनकी बीमारी की खबर सुनकर भारत में उनके प्रशंसक बहुत ही ज्यादा दुखी हो गए जो कि दुखी होना बिल्कुल सही था. 

गामा पहलवान का निधन

मित्रों महाराजा पटियाला तथा बेड़ा बंधुओं ने उनकी मदद के लिए धनराशि भेजना शुरू कर दी. लेकिन तब तक बहुत भी ज्यादा देर हो चुकी थी और गामा पहलवान 22 मई 1960 लाहौर पाकिस्तान को रुस्तम में जमा गामा की मृत्यु से हार के दोस्तों Gama Pehlwan Biography in hindi मरकर भी अमर है. और भारतीय कुश्ती कला के बहुत ही बड़े विजय पताका को विश्व में फहराने का श्रेय केवल गामा को ही चाहता है.

रोचक जानकारी गामा पहलवान के बारे में

  • 1. दोस्तों जब गामा पहलवान मात्र 6 साल के थे तब उनके पिता का देहांत हो गया था और उनके पिता उस वक्त के सबसे मशहूर और सबसे बड़े पहलवान माने जाते थे. 

2. दोस्तों गामा पहलवान को इनके चाचा ने पहली बार कुश्ती सिखाई थी 

3. दोस्तों जोधपुर में पहली बार होने वाली एक प्रतियोगिता में गामा पहलवान ने भी भाग ले लिया था. उस प्रतियोगिता में गामा पहलवान का स्थान 15 नंबर पर था

4. दोस्तों गामा पहलवान ने मात्र 17 वर्ष की आयु में रहीम बक्श सुल्तानी वाला को टक्कर दे दी थी. और रहीम बक्श सुल्तानी वाला की ऊंचाई लगभग 7 फुट से भी अधिक थी. और इनके नाम एक बहुत ही बड़ा शानदार रिकॉर्ड भी था कुश्ती का मुकाबला बहुत घंटों तक चला और आखिर में यह प्रतियोगिता बराबर पर उतरी. 

5. दोस्तों 10 सितंबर 1910 को गामा पहलवान ने लंदन के जॉन बुल बेल्ट सबसे बड़े वर्ल्ड चैंपियनशिप के फाइनल में विश्व चैंपियन स्टैनिसलॉस जबिश्को का सामना भी किया था.

निश्कर्ष 

तो दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने आपको Gama Pehlwan Biography in hindi के बारे में अद्भुत जानकारी बतायी है अगर आपको ये आर्टिकल पसंद आया है तो शेयर जरूर करना और एक comment भी धन्यबाद… 

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