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Safalta Kahani : फल बेंचने से लेकर 300 करोड़ की कंपनी बनाने तक इस आइडिया ने बदल दी इस शख्स की जिंदगी.

Safalta ki kahani : कहते हैं जब आप पूरी लगन से मेहनत करते हैं तो सफलता आपके कदम चूमती है। आपको बस अपना समर्पण चाहिए। यदि आप एक बार ऐसा करते हैं तो आपको अवश्य ही सफलता प्राप्त होगी। किसी व्यक्ति की सफलता उसकी आने वाली पीढ़ियों की दिशा और स्थिति दोनों तय करती है। हम आपको एक ऐसे व्यक्ति की सफलता की कहानी बताएंगे जो खुद गरीबी में पैदा हुआ था लेकिन उसने आने वाली पीढ़ियों के लिए सफलता की कहानी लिखी और अरबों का साम्राज्य बनाया।

Success story RS KAMATH

ढाबा में भी किया काम

यहां कामत के भाई जो गोकुल के नाम से ढाबा चला रहे थे, उन्होंने भी उसे वहीं नौकरी पर रख लिया। ग्राहकों को ढाबे पर आइसक्रीम खरीदते देख एक दिन कामत के दिमाग में कुछ अलग करने का ख्याल आया। धीरे-धीरे वह इसके बारे में सोचने लगा। इसी बीच 1983 में उन्होंने शादी कर ली। परिपक्व होने पर उन्होंने आइसक्रीम का व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया।

मसालेदार पाव भाजी के साथ आइसक्रीम

कारोबार को आगे बढ़ाने और अपनी आइसक्रीम को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए कामत ने आइसक्रीम के साथ मसालेदार पाव भाजी का काम शुरू किया। अब पाव भाजी खाने आने वाले लोग कामत की तीखी और ठंडी और मीठी आइसक्रीम खाते हैं। इससे धीरे-धीरे उनकी आइसक्रीम को असली पहचान मिलने लगी।

मेहनत के दम पर बना अरबों का साम्राज्य

हम जिस शख्स की बात कर रहे हैं उसका नाम रघुनंदन श्रीनिवास कामत (आरएस कामत) है। कर्नाटक में जन्मे कामत का जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत और लगन के दम पर अरबों का साम्राज्य खड़ा कर लिया। उनके पिता फल और लकड़ी बेचकर 7 बच्चों का पेट पालते थे। कामत जब बड़े हुए तो परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए भाइयों के साथ मुंबई चले गए।

आइसक्रीम का प्राकृतिक परीक्षण

इसके बाद उन्होंने 14 फरवरी 1984 को जुहू में नेचुरल्स आइसक्रीम मुंबई नाम से एक आउटलेट शुरू किया। उनकी आइसक्रीम की खासियत यह थी कि उनका स्वाद बेहद स्वाभाविक था। लेकिन उनके आइसक्रीम पार्लर में ज्यादा लोग नहीं आते थे. इस बात को लेकर वह काफी परेशान रहते थे और लगातार कारोबार बढ़ाने के बारे में सोचते रहते थे।

इन जायके के साथ शुरू

शुरुआत में कामत ने फल, दूध और चीनी से आम, चॉकलेट, सीताफल, काजू और स्ट्रॉबेरी के स्वाद वाली आइसक्रीम बनाई। उनकी आइसक्रीम में कोई मिलावट नहीं थी, जिससे धीरे-धीरे लोगों का उन पर विश्वास बढ़ता गया। बाद में उन्होंने यहां पाव भाजी बेचना बंद कर दिया और नेचुरल आइसक्रीम पार्लर में चले गए।

कारोबार 300 करोड़ के पार

कामत की कंपनी नेचुरल आइसक्रीम ने आज पूरे देश में अपनी पहचान बना ली है. कंपनी की वेबसाइट के मुताबिक आज देशभर में उनके 135 आउटलेट हैं। 5 फ्लेवर के साथ शुरू हुई यह आइसक्रीम कंपनी आज लोगों के लिए 20 फ्लेवर की आइसक्रीम ला रही है।

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