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Computer Technology क्या है? | कंप्युटर कैसे बना, कंप्युटर क्या होता, कंप्युटर का इतिहास एवं अविष्कार.

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Computer Technology क्या है 

Computer kya hai :दोस्तों आज हम आप लोगों को Computer Technology को बहुत ही आसान भाषा में समझाने वाले हैं. आज हम इस सब्जेक्ट पर आप लोगों से बात करेंगे और दोस्तों कुछ समय से टेक्नोलॉजी का बहुत ही तेजी से विकास भी होता रहा है. जिसने मनुष्य जीवन को बहुत ही ज्यादा सरल भी बना दिया जहां काम करने में बहुत टाइम लगा करता था अब दोस्तों वही काम चंद मिनटों में हो जाता है इसी Technology ने हम लोगों को एक ऐसा उपकरण दिया है जिसका नाम Computer है. दोस्तों आज हम कंप्यूटर क्या है और इसकी क्या विशेषताएं हो सकती हैं और जिसने मानव यानी कि मनुष्य जीवन में एक बहुत ही बड़ी क्रांति ला दी है. उसके बारे में हम आपको बेहद डिटेल से बताने वाले हैं तो आप इस लेख को पूरा जरूर पढ़ना.

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Computer Technology

दोस्तों आज हम लोग कंप्यूटर की सहायता से बहुत से कठिन कामों को बहुत ही आसानी से और सिर्फ चंद मिनटों में कर लिया करते हैं. COMPUTER kya hai का अविष्कार Charles Babbage को माना जाता है. दोस्तों उन्होंने सन 1833 में एक एनालिटिकल इंजन को भी बनाया था. जिसके आधार को मानकर आज के सबसे आधुनिक कंप्यूटर का निर्माण भी किया गया है. इनके दोस्तों इस योगदान के लिए इनको Father of the Computer भी कहा जाता है. 

क्या है कंप्यूटर. 

दोस्तों सबसे पहले हम लोग यह समझ लेते हैं कि Computer technology क्या है. और कंप्यूटर शब्द कैसे बना दोस्तों इस शब्द का निर्माण अंग्रेजी के भाषा शब्द ‘Compute’ से हुआ है जिसका मतलब होता है “गणना” करना दोस्तों इसे हम हिंदी में गणक या फिर संगणक यंत्र भी कह सकते हैं. Computer का आविष्कार कैलकुलेशन को करने के लिए किया गया था. जिसे हम साधारण लैंग्वेज में कहें तो कंप्यूटर मात्र गणना करने वाली मशीन मानी जाती थी. जैसे की हम लोग कैलकुलेटर का इस्तेमाल आज के दौर में करते हैं.

दोस्तों यह एक प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक मशीन कही जा सकती है जो कुछ बताए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक सारे कामों को पूरा कर देती है. दोस्तों या हम लोग यह भी कह सकते हैं कि यह एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो कि इन उपकरणों की मदद से सभी प्राप्त आंकड़ों को प्रेषित कर देती है. और फिर आउटपुट की सहायता से और मदद से उनको हमें सूचना के रूप में दिखा देती है.

दोस्तों इस के दिशा निर्देश में बहुत सारे प्रकार के डाटा भी मौजूद होते हैं. जैसे की वर्णमाला आंकड़े संख्या इन सभी डाटा के अनुसार ही Computer technology परिणाम को दिखाता है. दोस्तों अगर कंप्यूटर को गलत आंकड़े दिए जाएं तो कंप्यूटर इन आंकड़ों के मुताबिक हम लोगों को गलत परिणाम ही देगा. इसका सीधा सा कारण यह हुआ है कि कंप्यूटर जी को यानी कि गार्बेज इन गार्बेज आउट के नियम पर ही वर्क करने वाला है. दोस्तों आशा है कि आप कंप्यूटर क्या है यह तो समझ ही चुके हैं.

कंप्यूटर का फुल फॉर्म क्या होता है

दोस्तों टेक्नोलॉजी रूप से देखा जाए तो कंप्यूटर का कोई भी फुल फॉर्म होता ही नहीं है फिर भी दोस्तों कंप्यूटर का एक काल्पनिक फुल फॉर्म बना दिया गया है जो कि इस प्रकार है

C – Commonly

O – Operated

M – Machine

P – Particularly

U – Used for

T – Technical and

E – Educational

R – Research

अगर आप लोग इसको हिंदी में देखें कुछ कुछ ऐसा बन जाएगा, आम ऑपरेटिंग मशीन विशेष रूप से कारोबार, शिक्षा तथा अनुसंधान के लिए इस्तेमाल की जाती है.

कंप्यूटर का इतिहास क्या है

दोस्तों यह बातें बिल्कुल सही तरीके से प्रमाणित नहीं की जा सकती हैं कि Computer technology का निर्माण कब शुरू हुआ था. लेकिन कुछ कंप्यूटर की Development को और Generation के मुताबिक उनके अनुसार यह भी Clarify कर दिया गया है कि यह मुख्य तौर से 5 भागों में बांटे गए हैं. इसके 4 भाग इस प्रकार हैं.

दोस्तों अगर बात कंप्यूटर के Generation की बात जाए तो इसका तात्पर्य यह होता है. कि कंप्यूटर की पीढ़ियां जैसे-जैसे कंप्यूटर में विकास होता जा रहा है. उनको अलग-अलग पीढ़ियों में बांटा जा रहा है जिससे उनके सटीक रूप को समझने में बहुत ही ज्यादा मुश्किल ना हो.

Computer technology की पहली पीढ़ी 1940 To 1956 जिसको Vaccume Tube कहते हैं

दोस्तों सबसे पहले यानी कि फर्स्ट जनरेशन के कंप्यूटर जिनको Vaccume Tube उसको circuitry तथा मैग्नेटिक ड्रम को मेमोरी के लिए प्रयोग किया जाता था. यह दोस्तों साइज में बहुत ही अधिक बड़े भी होते थे और इन को चलाने में बहुत ही ज्यादा पावर और शक्ति का प्रयोग भी करना पड़ता था. दोस्तों अधिकतर बड़ा होने के कारण इस में गर्मी भी बहुत अधिक समस्या बन जाती थी. जिससे यह बहुत बार malfunction भी हो जाता था. दोस्तों इन में मशीन लैंग्वेज का प्रयोग हुआ करता था जैसे कि उदाहरण के तौर पर UNIVAC and ENIAC computers.

1956 से 1963 कंप्यूटर की सेकंड पीढ़ी जिसे Transistor कहते हैं.

मित्रों सेकंड जेनरेशन वाले Computer technology में Transistor ने Vaccume tube की जगह को ले लिया ट्रांसिस्टर्स बहुत ही छोटे जगह को ले लेते थे और बहुत ही छोटे थे और तेज भी चला करते थे और सस्ते भी हुआ करते थे अधिक एनर्जी एफिशिएंट भी थे और यह पहले जनरेशन के कंप्यूटर की तुलना में बहुत ही कम ही बनाया करते थे. लेकिन फिर भी इसमें हीट की समस्या भी आ ही जाती थी. दोस्तों इनमें High Level की programming Language जैसे COBOL तथा Fortran का प्रयोग होता था. 

Computer Technology की तीसरी पीढ़ी 1964 से 1971 Integrated circuit. 

Computer Technology में सर्किट का प्रयोग किया जाता था. जिसको बहुत ही छोटे छोटे बनाकर silicon chip के अंदर डाल दिया जाता था. जिसे दोस्तों सेमीकंडक्टर भी कहा जाता है.  इसे दोस्तों लाभ यह होता था कि कंप्यूटर में Processing करने की क्षमता बहुत ही ज्यादा बढ़ जाया करती थी. और पहली बार इस Computer Technology में अधिक यूजर फ्रेंडली इसको बनाने के लिए मॉनिटर और कीबोर्ड तथा ऑपरेटिंग सिस्टम का भी प्रयोग किया गया. दोस्तों इसे पहली बार बाजार में भी लॉन्च कर दिया गया.

चौथी पीढ़ी की Computer Technology 1971 से 1985 Micro Processor 

दोस्तों की सबसे बड़ी खासियत थी. कि इसमें माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल किया गया था जिससे लाखों हजारों इंटीग्रेटेड सर्किट को एक ही कर दिया गया. और फिर इस मशीन के आकार को कम करने में बहुत ही ज्यादा आसानी हो गई दोस्तों microprocessors के प्रयोग से Computer Technology को भी बढ़ाया जा सकता है और यह बहुत ही कम समय में बड़े-बड़े कैलकुलेशन भी कर सकता है. 

कंप्यूटर को कैसे चलाया जाता है

दोस्तों बहुत से लोगों के लिए Computer Technology का इस्तेमाल करना और उसको समझ पाना बहुत ही मुश्किल हो सकता है. पर यह एक ऐसा टुकड़ा है जो आप को समझने में सहायता भी करता है कि आपने कंप्यूटर को आसानी से और सरलता से कैसे संचालित किया जाए. दोस्तों आप लोग यह सोच रहे होंगे कि आप एक ही वक्त में कीबोर्ड तथा माउस का इस्तेमाल कैसे कर पाएंगे दोस्तों यह बहुत ही मुश्किल भी नहीं है. और इसे आप कर सकते हैं इसके बारे में यहां हम आपको कुछ निर्देश और दिशानिर्देश भी बताने वाले हैं.

दोस्तों सबसे पहले आप लोग माउस के curser को उस अक्षर या फिर आइकन पर ले जाइए जिस पर आप लोग कमांड यानी कि क्लिक करना चाहते हो

अब आप लोग बायीं तरफ का माउस बटन को दबाकर रखिए

अब दोस्तों आप लोग करसर को उस जगह पर खींच लीजिए जहां पर आप लोग क्लिक करने की कोशिश कर रहे हैं

अब आप अपने गंतव्य तक पहुंचने पर बाएं माउस बटन को छोड़ दीजिए.

सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर क्या है 

दोस्तों और भी ज्यादा आगे बढ़ने से पहले हम लोग यह जान लेते हैं कि Computer Technology में जो सबसे आम चीज होती है जिसको हम कहते हैं. सॉफ्टवेयर तथा हार्डवेयर तो सबसे पहले हम बात करने वाले हैं सॉफ्टवेयर और तथा हार्डवेयर के बारे में.

सॉफ्टवेयर ( Software) 

दोस्तों Software निर्देश देने का एक सेट माना जाता है जो Hardware को यह बताता है कि उसको अब क्या करना है और इसे अब कौन से कार्य कैसे करना है किस तरीके से करना है. सॉफ्टवेयर के उदाहरण में हम वेब ब्राउज़र, wordpress और गेम आदि को इस्तेमाल भी करते हैं. दोस्तों आप लोग अपनी Computer Technology पर जो भी गतिविधि करते हैं वह सारी गतिविधियां सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के माध्यम से ही होती हैं. Example के तौर पर हम आपको बता दें कि अगर अभी आप कोई भी टेक्स्ट को आप अपने वेब ब्राउज़र यानी कि सॉफ्टवेयर में देख रहे हैं. तो यह एक सॉफ्टवेयर है और दोस्तों पेज पर क्लिक करने के लिए आपको किसी ना किसी हार्डवेयर की जरूरत जरूर पड़ेगी जैसे कि आपके क्लिक करेंगे माउस के द्वारा तो माउस एक हार्डवेयर होता है.

हार्डवेयर ( Hardware) 

दोस्तों हार्डवेयर आप लोगों की कंप्यूटर का कोई भी हिस्सा हो सकता है. जिसको physically हम लोग छू सकते हैं जैसे कि कीबोर्ड हो गया आपका मॉनिटर सीपीयू कीबोर्ड यूपीएस इसमें दोस्तों Computer Technology के अंदर जितने भी आंतरिक भाग होते हैं वह भी शामिल है जैसे की रैम और हार्ड डिस्क वगैरह जो कि आपको नीचे इमेज में दिख रही होंगी.

कंप्यूटर काम कैसे करता है

दोस्तों Computer Technology काम अकेले बिल्कुल नहीं करता और किसी काम को करने के लिए बहुत ही तरह के मशीनों और प्रोग्राम की जरूरत पड़ती है. और उनकी मदद लेना पड़ती है दोस्तों Computer Technology के यह मशीनें और प्रोग्राम जैसे कि हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के नाम से जाने जाते हैं. दूसरे कंप्यूटर कुछ इस तरीके का दिखाई दे देता होगा जिस तरीके का आप नीचे इमेज में देख रहे हैं.

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Image credit : Pinterest

मित्रों जो कंप्यूटर आप लोग देख रहे हैं इसको हम लोग डेक्सटॉप कहते हैं. और अभी के समय में इसी तरह के कंप्यूटर बहुत ही ज्यादा चल रहे हैं. और अब जो है लैपटॉप का चलन भी काफी तेजी से शुरू हो गया है इस इमेज में आप लोगों को काफी अलग अलग तरह की मशीनें दिख रही होगी दोस्तों ये सभी मशीनें मिलाकर एक कंप्यूटर बनता है तो आइए अब डिटेल से जान लेते हैं इन मशीनों के बारे में.

मॉनिटर ( monitor) 

दोस्तों Monitor एक आउटपुट मशीन है जो हम लोगों के दिए गए निर्देशों का रिजल्ट दिखाता है. यह सेम टू सेम बिल्कुल एक टीवी की तरह दिखता है. और हाल ही में दोस्तों Monitor की जगह LCD तथा LED का इस्तेमाल ज्यादा होने लगा है.

माउस ( Mouse) 

मित्रों Mouse भी एक इनपुट डिवाइस है जो हार्डवेयर का काम करता है जो Computer Technology को कोई भी कमांड देने के लिए काम करता है. हम माउस के द्वारा computer में मौजूद किसी भी फाइल को चुनते हैं. और उसे कमांड देते हैं.

सिस्टम यूनिट ( System Unit) 

मित्रों System unit एक छोटा सा बॉक्स होता है जिसमें Computer Technology को अपना काम करने के लिए बहुत ही जरूरी मशीनें लगी होती हैं. सिस्टम यूनिट हम लोग CPU भी कहते हैं इसमें मदरबोर्ड, हार्ड डिस्क, प्रोसेसर जैसे बहुत ही कीमती लगे होते हैं. जो CIMPUTER को काम करने के लायक बना देते हैं. और इसको हम लोग Computer के नाम से भी जानते हैं.

कीबोर्ड (Keyboard) 

दोस्तों Keyboard भी एक इनपुट डिवाइस है. जो कि माउस की ही तरह हमें कंप्यूटर को कोई भी कमांड देने के लिए मदद करती है. इसकी सहायता से हम लोग Computer को कोई भी वंचित आंकड़ा तथा निर्देश दे सकते हैं. इसमें बहुत से प्रकार की चीज होती हैं और इन्हीं की मदद से हम लोग नंबर और ऐड कमांड कंप्यूटर को दे सकते हैं.

प्रिंटर ( Printer) 

दोस्तों printer को भी हम लोग आउटपुट मशीन ही कहते हैं जो Computer Technology में मौजूद सभी विश्लेषक सूचनाओं को एक कागज के द्वारा हम लोगों को छाप कर देता है. दोस्तों कागज पर छपने वाली सूचनाओं को हम लोग हार्ड कॉपी के नाम से भी जानते हैं. और दोस्तों इसका उल्टा जो सूचना है सिर्फ कंप्यूटर में ही सुरक्षित रहती हैं उनको हम लोग सॉफ्ट कॉपी भी कहते हैं.

स्पीकर (Speaker) 

SPEAKER भी एक आउटपुट डिवाइस है जो हम सभी को Computer Technology के द्वारा निकलने वाली आवाज को सुनने में सहायता करते हैं. इन्हीं स्पीकर्स के द्वारा हम लोग गाने फिल्म वीडियोस प्रोग्राम तथा गेम इत्यादि में मौजूद आवाज को सुन सकते हैं.

कंप्यूटर के प्रकार

दोस्तों आप लोगों को बताते हैं कि Computer Technology क्या होता है. और कंप्यूटर कितने प्रकार के हो सकते हैं इसे हम लोग दोस्तों बहुत ही सरल तरीके से समझते हैं. और दोस्तों काम करने के आधार पर कंप्यूटर को लगभग 7 भागों में बांट दिया जाता है 

डिजिटल कंप्यूटर (Digital Computer) 

दोस्तों Digital Computer Technology में बहुत ही अलग-अलग प्रकार की जानकारी को दिखाने के लिए बायनरी जैसी डिजिट का इस्तेमाल किया जाता है. इसलिए मित्रों हम लोग इसे Digital Computer के नाम से जानते हैं इसमें देखने वाली सभी जानकारी Dicrete फॉर्म में होती हैं जो हम लोगों को सिर्फ ग्राफिक्स पिक्चर्स टेक्स्ट के रूप में दिखती हैं. 

सुपर कंप्यूटर ( Super Computer) 

मित्रों Super Computer Technology देखने में बहुत ही ज्यादा बड़े होते हैं. और यह दोस्तों अधिकतर डुअल प्रोसेसिंग यूनिट के साथ आया करते हैं. इनका इस्तेमाल सिर्फ कुछ खास कार्यों के लिए ही करा जाता है जैसे कि मौसम की भविष्यवाणी में कोई बहुत ही कठिन गणना को करने में और इनका प्रयोग एनिमेशन ग्राफिक रिसर्च न्यूक्लियर एनर्जी रिसर्च तथा फ्लूड डायनामिक्स के कैलकुलेशन को करने और बताने में किया जाता है.

मिनी कंप्यूटर ( Mini Computer) 

मिनी कंप्यूटर और पावर के मामले में बहुत ही औसत प्रकार के होते हैं. अगर दोस्तों सही शब्दों में बताया जाए तो यह एक Server Computer Technology ही कहे जा सकते हैं. जिसमें लगभग 4 से लेकर 200 तक एक साथ कार्य कर सकते हैं. मिनी कंप्यूटर आप लोगों को किसी बैंक या फिर ऑफिस जहां पर बहुत सारे एम्पलाई एक साथ काम करते हैं. वहां आप लोगों को आसानी से देखने को मिल जाएंगे और दोस्तों इन कंप्यूटर को आप लोग Directly इस्तेमाल नहीं कर सकते. बल्कि इसमें यूजर बनाकर माइक्रो कंप्यूटर के द्वारा इसके प्रोग्रामों को इस्तेमाल करा जाता है. 

माइक्रो पर्सनल कंप्यूटर ( micro or personal computer) 

मित्रों हम लोग Micro Computer Technology को अपना पर्सनल कंप्यूटर कह सकते हैं. यह देखने में बहुत ही ज्यादा छोटे होते हैं लेकिन Computer Technology विकास के कारण इनका प्रयोग बहुत ही बढ़ गया है. इन कंप्यूटर की स्पीड बहुत ही अधिक बढ़ चुकी है. और इनका आकार भी यानी कि आकार का साइज भी काफी छोटा हो गया है. इन कंप्यूटर का आकार में छोटा होना ही इनकी सबसे बड़ी खूबी है. इस कंप्यूटर का प्रयोग हम लोग टेबल पर रख कर भी कर सकते हैं.

हाइब्रिड कंप्यूटर ( Hybrid Computer) 

दोस्तों Hybrid Computer Technology किसी भी सिस्टम में जानकारी को दिखाने के लिए लोग के साथ बाइनरी डिजिट का भी इस्तेमाल करते हैं. इसलिए इसे हाइब्रिड कंप्यूटर भी कह सकते हैं. दोस्तों इस कंप्यूटर में जानकारी ऑपरेटिंग मोड के मुताबिक ही दिखाई देती है. जो Continouse form के साथ-साथ डिस्क्रीट फॉर्म में भी हो जाती है. क्योंकि दोस्तों यह डिजिटल प्रोसेसिंग तथा एनालॉग प्रोसेसिंग को एक साथ कर देता है. 

मेनफ्रेम कंप्यूटर ( menframe computer) 

मित्रों Mainframe Computer Technology देखने में बहुत ही ज्यादा बड़े हो जाते हैं. इसीलिए यह अधिक स्थान घेर लेते हैं और इन सभी कंप्यूटर में कई प्रकार के टर्मिनल्स को भी जोड़ना पड़ता है. ताकि हजारों यूजर्स को एक सिग्नल कंप्यूटर हैंडल कर पाए दोस्तों एक साथ बहुत सारे प्रोग्राम्स को चला सकते हैं. और यह बहुत ही अधिक महंगे भी हुआ करते हैं इसी कारण सिर्फ बड़ी कंपनियां ही Mainframe Computer Technology का इस्तेमाल करती हैं.

एनालॉग कंप्यूटर (Analog Computer) 

मित्रों Analog Computer Technology इस सिस्टम में जानकारी को दिखाने और एनालॉग सिग्नल का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें जो भी जानकारी आप को दिखाई जाती है वह Continouse form में ही होती है जिससे curves के प्रकार में दिखाया जा सकता है. और दोस्तों इसका प्रयोग लगातार होने वाली किसी भी फिजिकल क्वांटिटी को नापने के लिए भी करा जा सकता है. जैसे कि ब्लड प्रेशर दिल की धड़कन बिजली का प्रवाह और तापमान.

कंप्यूटर का इस्तेमाल

दोस्तों Computer Technology का इस्तेमाल कहां कहां किया जाता है. अगर देखा जाए तो कंप्यूटर का प्रयोग हम अपनी लाइफ में हर जगह पर करते ही आ रहे हैं. दोस्तों यह हमारा एक अंग बन चुका है हमने इसके कुछ इस्तेमाल को आपकी जानकारी के लिए नीचे आपको बता भी दिया है.

शिक्षा के क्षेत्र में ( Education) 

दोस्तों शिक्षा में Computer Technology का सबसे बड़ा हाथ हो चुका है. अगर कोई भी छात्र किसी चीज के बारे में जानकारी लेना चाहता है तो उसे सिर्फ कुछ ही मिनटों में यह जानकारी उपलब्ध हो जाती है. दोस्तों इस की सहायता से रिसर्च से यह भी पता चला है कि Computer Technology की सहायता से कोई भी छात्र की सीखने की क्षमता में बहुत ही ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. दोस्तों आजकल छात्र घर बैठे ही ऑनलाइन क्लास की सहायता से ही पढ़ाई कर रहे हैं. 

हेल्थ के क्षेत्र में ( Health) 

मित्रों यह हेल्थ तथा दवाओं के लिए एक बहुत ही बड़ा वरदान बन चुका है. इसी की मदद से हम लोग मरीजों का इलाज बहुत ही आसानी से कर पाते हैं. आजकल दोस्तों सभी चीजें डिजिटल हो चुकी हैं जिसके कारण Computer Technology के माध्यम से बहुत ही सरलता से रोग के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है. और उस कारण से उसका इलाज भी पॉसिबल हो जाता है और Computer Technology से दोस्तों ऑपरेशन भी काफी सरल बन चुके हैं.

कारोबार के क्षेत्र में ( Business) 

दस्तों कारोबार में भी Computer Technology का बहुत बड़ा हाथ हो चुका है प्रोडक्टिविटी तथा competitiveness इसको बढ़ने के लिए इसका प्रयोग प्रमुख तौर से स्टॉक ट्रेडिंग, बैंकिंग, डिजिटल मार्केटिंग में किया जाता है. दोस्तों यहां सभी चीजें डिजिटल होने के कारण इसकी प्रोसेसिंग बड़ी तेज हो चुकी है. और आजकल कैशलेस ट्रांजैक्शन पर बहुत ही ज्यादा ध्यान दिया जा रहा है.

विज्ञान के क्षेत्र में ( Seince) 

दोस्तों Computer Technology तो साइंस की ही देन है. इस रिसर्च में बहुत ही ज्यादा सरलता हो जाती है और आजकल दोस्तों एक नया ट्रेंड भी चल रहा है. जिसे Collaboratory भी कहते हैं जिसे पूरे विश्व में बहुत सारे साइंटिस्ट एक साथ बैठकर काम करते हैं. इसे दोस्तों आपको कुछ भी फर्क नहीं पड़ता कि आप कौन से देश में मौजूद हैं. Computer Technology की सहायता से आप यह पॉसिबल कर सकते हैं. 

डिफेंस के क्षेत्र में (Defence) 

दोस्तों सेना में भी Computer Technology का प्रयोग बहुत ही ज्यादा बढ़ चुका है. जिसकी सहायता से अब हमारे देश की सेना और भी अधिक सशक्त बन चुकी है. क्योंकि आजकल सभी चीजों को कंप्यूटर की सहायता से ही कंट्रोल कर आ जा रहा है. ऐसी बहुत सी जगह है जहां पर दोस्तों हम लोग इसका प्रयोग करते हैं जो हमारे जरूरत के मुताबिक है.

Faq’S

Q.1- Hybrid Computer क्या होता है?

दोस्तों हाइब्रिड कंप्यूटर, एनालॉग कंप्यूटर और डिजिटल Computer Technology के गुणों का मिक्स रूप है। इसका प्रयोग चिकित्सा के क्षेत्र में प्रमुख रूप से किया जाता है। जैसे
ई.सी.जी. (E.C.G.) मशीन 

Q. 2 – क्वान्टम कंप्युटर क्या होता है?

मित्रों क्वांटम कंप्यूटर (Quantum Mechanics) पर आधारित computer technology क्वांटम कंप्यूटर कहलाती है। क्वांटम और परंपरागत कम्प्यूटर, दोनों में सूचनाओं को Binary Digits या फिर बिट्स (1…… 0…….) के रूप में जोड़ा , कूटबद्ध और इस्तेमाल करा जाता हैं. 

Q. 3-  प्रोग्राम किसे कहा जाता हैं?

दोस्तों जिन दिशा निर्देश को आधार पर Computer Technology कार्य करता है उसे हम प्रोग्रामकहते हैं।

Q. 4- शिक्षा के क्षेत्र में Computer Technology की क्या जरूरत है?

दोस्तों इंटरनेट के इस्तेमाल से छात्र कोई भी सब्जेक्ट विशेष पर ज्यादा से ज्यादा जानकारी पा सकते हैं।

Q. 5- कंप्यूटर सामान्यतः कैरेक्टर को किस कोड में संचित करता है?

दोस्तों Computer Technology समान्य रूप से कैरेक्टर को संचित करने के लिए ASCII कोड का इस्तेमाल करते हैं। हर कैरेक्टर 8 बिट का इस्तेमाल करके बनता है. 

निष्कर्ष

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने आपको Computer Technology के बारे में बहुत ही अमेजिंग और रोचक एक लेख देने की कोशिश की है जिसको शायद आप पढ़कर बहुत ही ज्यादा खुश हुए होंगे और आपको इस लेख से कुछ ना कुछ सीखने को जरूर मिला होगा अगर आपको यह आर्टिकल पसंद आया है तो शेयर जरूर कर दीजिएगा मोटिवेशन के लिए आप एक कमेंट कर दीजिएगा धन्यवाद

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