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Dr APJ Abdul Kalam Death Anniversary : हमारे देश को युवाओं के लिये प्रेरणा का बड़ा स्त्रोत है कलाम साहब.

Apj abdul kalam death anniversary : कहा जाता है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए सुखमय जीवन और सफलता को हमेशा याद रखना चाहिए. और इन को हासिल करने की हमेशा कोशिश में लगे रहना चाहिए . और यह दोस्तों हमारी जिंदगी को बहुत ही खुशनुमा बना देता है. कभी-कभी दोस्तों ऐसा भी हो जाता है कि जो सुखमय जीवन और सफलता की कामना करते हैं. तो उनको इससे भी अधिक मिल जाता है.

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बहुत ही कम लोग ऐसे होते हैं जो अपने सपनों को ही उपलब्धियों से बड़ा बनाते हैं. दूसरों कि निगाहों में उपलब्धियां कहीं बड़ी हुआ करते हैं और कुछ दोस्तों ऐसी ही कहानी है हमारे देश भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम (Dr APJ Abdul Kalam) की. उन्होंने मात्र खुद सपने नहीं देखे बल्कि लोगों को सपना देखना सिखाया और अपने देश के लिए भी बड़े-बड़े सपने देखे थे. दोस्तों आज के दिन उनकी पुण्यतिथि मनाई जा रही है (Dr APJ Abdul Kalam Death Anniversary आज का दिन उनकी दी गई कुछ शिक्षाओं को याद करने का दिन है. 

अब्दुल कलाम साहब की संवेदनशील अभियानों में पसंद

अंतरिक्ष के होने वाले कार्यक्रमों में कलाम की सतत सफलता ने उन्हें वरिष्ठों का बहुत ही अधिक प्रिय बना दिया था. और वह हमारे देश की बहुत ही महत्वकांची योजनाओं में शामिल किए जाने लगे थे. हमारे देश के पहले परमाणु परीक्षण के कार्यक्रम में क्रियान्वयन के लिए उन्हीं को आमंत्रित किया गया था. बैलिस्टिक मिसाइल के लिए भी उनको प्रोजेक्ट डेविल तथा प्रोजेक्ट वैरीअंट की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

ना कामयाबी बिल्कुल भी नहीं थी

कलाम साहब Apj abdul kalam  ने कभी भी अपने जीवन की किसी भी मोड़ पर निराशाजनक होना बिल्कुल भी नहीं सीखा. हमेशा उन्होंने यही कहा कि अगर आप फेल हो जाते हैं तो आपको निराश होने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है क्योंकि इस विफलता का मतलब फर्स्ट अटेम्प् लर्निंग है. कलाम साहब Apj abdul kalam  सिर्फ यहीं तक नहीं रुके उन्होंने नए-नए सपने देखना शुरू किया. आईआईटी मद्रास से पढ़ाई पूरी करने के बाद वह रक्षा अनुसंधान और विकास के सेवा के सदस्य बनाए गए और इसके बाद रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी डीआरडीओ के एरोनॉटिकल डिवेलपमेंट एस्टैब्लिश्मेंट में वैज्ञानिक बनाए गए थे. अब इस सफलता के बाद कलाम साहब ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा. 1969 में वह भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान यानी कि इसरो से बहुत ही लंबे समय तक जुड़े रहे थे. 

कलाम साहब को पढ़ाई से गहरा लगाव था

कलाम साहब का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के शहर रामेश्वरम में हुआ था. कलाम साहब का जीवन एक मछुआरे परिवार में बहुत ही कठिनाइयों से गुजरा. अपने सभी बहन भाइयों में सबसे छोटे कलाम साहब थे और उनको पढ़ाई करने में बहुत मजा आता था. कलाम साहब Apj abdul kalam  एक औसत छात्र ही थे. लेकिन वह अपनी मेहनत और लगन के कारण सबसे अच्छे छात्र माने जाते थे. कलाम साहब गणित विषय को बहुत ही ज्यादा समय दिया करते थे और सबसे प्रिय सब्जेक्ट उनका भौतिक विज्ञान हुआ करता था. अपने परिवार का आर्थिक बोझ कम करने के लिए कुछ समय निकालकर कलाम साहब अखबार बेचा करते थे. 

कलाम साहब का पहला सपना टूटना

त्रिचिरापल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज में दाखिला करा लिया जहां पर कलाम साहब ने दोस्तों भौतिक विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल कर ली. और बाद में 1955 में कलाम साहब ने एरोस्पेस इंजीनियरिंग के लिए आईआईटी मद्रास में दाखिला करा लिया. यहां के शिक्षक कलाम साहब से बहुत ही ज्यादा प्रभावित हो चुके थे और यहां पर दोस्तों कलाम साहब बहुत ही नजदीकी अंको से फाइटर पायलट बनने से रह गए. कलाम साहब की रैंक 9 थी जबकि मात्र 8 पायलटों को चुना था. 

 कलाम साहब की बड़ी सफलताओं के बाद ही

सबसे जबरदस्त बात यह है कि कलाम साहब को भारत के मिसाइल मैन का खिताब दिया गया था. लेकिन इतनी बड़ी उपलब्धि के बाद भी कलाम साहब की विनम्रताओं ने लोगों का दिल बहुत ही अधिक जीत लिया था. प्रधानमंत्री के रक्षा सलाहकार तक और पोखरण 2 के परमाणु परीक्षण में भी अपना बहुत ही बड़ा योगदान कलाम साहब ने दिया कलाम साहब को पद्म विभूषण पद्म श्री तो बहुत पहले ही मिल चुके थे . बाद में 1997 में कलाम साहब को भारत रत्न अवार्ड से भी सम्मानित किया गया. और फिर बाद में 2002 में कलाम साहब को भारत का राष्ट्रपति चुना गया लेकिन कलाम साहब सिर्फ वही रहे एक शिक्षक और वैज्ञानिक.

2006 में दोस्तों उन्होंने देश के एडवांस फाइटर प्लेन sukhoi-30 को को पायलट के तौर पर 30 मिनट तक उड़ाया था. और इसी के साथ दोस्तों कलाम साहब का पायलट बनने का सपना भी पूरा हो चुका था. किसी ने सोचा भी नहीं था कि उनका सपना कुछ इस तरीके से पूरा होगा  कोई भारत का राष्ट्रपति एक फाइटर प्लेन को भी उड़ाए गा. इस छोटे सपने को कलाम साहब ने पूरा तो किया था लेकिन इससे पहले बहुत से लोग ऐसे थे जिनका यह सपना सिर्फ सपना ही रह गया था. 

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